Monday, September 1, 2008

एक शब्द

आशा ही
मेरे जीवन की परिभाषा है
बस यही शब्द मेरे जीने की आशा है
एक शब्द भी दे सकता है
जीवन
सिखा सकता है
जीवन का राग
भर सकता है
जीवन में अनुराग
और उसमें
फूलों की सुगन्ध बसा सकता है
एक शब्द
एक शब्द ही तो है आशा
जिसके सहारे जीवन चला करता है
हारना भी एक शब्द ही है
जीतना भी एक शब्द ही है
शब्द ही है दुःख और सुख
शब्द ही है हास और रुदन
शब्द ही है जीवन की जीवन्तता
शब्द का अस्तित्व ही अनुभूति है
हमारे होने का
शब्द का अस्तित्व ही प्रतीति है
हमारे जीने का
शब्द ही भय है
शब्द ही साहस
अन्यथा..........
निःशब्द से भला कोई
डरता है
शब्द ही शासन करता है
शब्द से ही शासन चलता है
आशा और विश्वास सब तो शब्द ही हैं


तो..................................
आइये हम
शब्द का संधान करें
शब्द की साधना करें
शब्द की अर्चना करें
शब्द की वन्दना करें
शब्द की आराधना करें

3 comments:

रचना गौड़ ’भारती’ said...

सकारात्मक जीवन की अभिव्यक्ति सुन्दर है । जीवन शब्द में जान दल दी ।

सजीव सारथी said...

नए चिट्टे की बहुत बहुत बधाई, निरंतर सक्रिय लेखन से हिन्दी ब्लॉग्गिंग को समृद्ध करते रहें.

आपका मित्र
सजीव सारथी
आवाज़

प्रदीप मानोरिया said...

उत्कृष्ट अभिव्यक्ति हिन्दी भाषा की चिठ्ठा कारी में आपका स्वागत है कृपया मेरे ब्लॉग पर भी पधारें